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भारत के महान व्यक्तियों से पूछने के सवाल

9 मिनट

इस सूची में भारत के सात ऐतिहासिक व्यक्तियों, भगत सिंह, सरदार वल्लभभाई पटेल, श्रीनिवास रामानुजन, रवींद्रनाथ टैगोर, सम्राट अशोक, रानी लक्ष्मीबाई और सावित्रीबाई फुले, से पूछने के 35 सवाल हैं। हर व्यक्ति के सवालों के साथ यह बताया गया है कि उनका अपना लिखा कौन सा दस्तावेज़ जवाब देता है, ताकि छात्र इंटरव्यू प्रोजेक्ट, वैक्स म्यूज़ियम या भाषण में सही जवाब स्रोत के साथ लिख सकें।

इस सूची का उपयोग कैसे करें

हर व्यक्ति के लिए पाँच सवाल हैं, जो उनके जीवन के अलग हिस्सों को छूते हैं। सवालों के बाद एक छोटा नोट है: रिकॉर्ड क्या कहता है और अच्छे जवाब में क्या होना चाहिए। इन्हें ज्यों का त्यों इस्तेमाल करें या अपने प्रोजेक्ट के हिसाब से बदलें।

इंटरव्यू प्रोजेक्ट बनाने की पूरी विधि, समय योजना और मूल्यांकन तालिका इंटरव्यू प्रोजेक्ट गाइड में है। याद रखें: हर जवाब के आगे स्रोत लिखें, और जहाँ दस्तावेज़ चुप है वहाँ यह साफ़ कहें।

भगत सिंह से पूछने के सवाल

  1. आपने अपना लेख “मैं नास्तिक क्यों हूँ” किन परिस्थितियों में और किसके जवाब में लिखा?
  2. अप्रैल 1929 में केंद्रीय विधानसभा में बम फेंकने के बाद आपने भागने के बजाय गिरफ़्तारी क्यों दी?
  3. आप क्रांति से क्या समझते थे, और क्या उसके लिए ख़ून-ख़राबा ज़रूरी था?
  4. सांप्रदायिक दंगों के बारे में आपकी क्या राय थी, और उनका इलाज क्या था?
  5. जेल में आप क्या पढ़ते थे, और अपनी नोटबुक में क्या लिखते थे?

रिकॉर्ड क्या कहता है: “मैं नास्तिक क्यों हूँ” (अक्टूबर 1930, लाहौर जेल), दिल्ली के सेशन जज के सामने बयान (जून 1929), जिसमें कहा गया कि बम बहरों को सुनाने के लिए थे, मारने के लिए नहीं, और किरती पत्रिका के लेख “सांप्रदायिक दंगे और उनका इलाज” (1928)। 1928 में सॉन्डर्स की हत्या उनके जीवन का विवादित हिस्सा है; अच्छा जवाब इसे छिपाता नहीं, स्रोतों के साथ समझाता है। और पढ़ें: भगत सिंह के विचार।

सरदार वल्लभभाई पटेल से पूछने के सवाल

  1. आपने वकालत की कमाई छोड़कर सार्वजनिक जीवन क्यों चुना?
  2. 1928 के बारडोली सत्याग्रह में किसानों ने बढ़े हुए लगान को किस तरह और कितने अनुशासन से मना किया?
  3. आपको “सरदार” की उपाधि कैसे मिली?
  4. आज़ादी के बाद 500 से अधिक रियासतों को भारत में शामिल करने के लिए आपने राजाओं से क्या कहा?
  5. आप अखिल भारतीय सिविल सेवाओं को बनाए रखने के पक्ष में क्यों थे?

रिकॉर्ड क्या कहता है: बारडोली सत्याग्रह के भाषण (1928), रियासतों पर उनका वक्तव्य (5 जुलाई 1947), जिसमें उन्होंने रक्षा, विदेश और संचार पर विलय की अपील की, और संविधान सभा में 10 अक्टूबर 1949 का भाषण, जिसमें उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय सेवाओं के बिना देश एक नहीं रह पाएगा। कुछ रियासतों के विलय से जुड़ी घटनाएँ विवादित हैं, इसलिए जवाब संतुलित और स्रोत पर आधारित हों। और पढ़ें: सरदार पटेल की जीवनी।

श्रीनिवास रामानुजन से पूछने के सवाल

  1. कुंभकोणम में स्कूल के दिनों में गणित से आपका लगाव कैसे शुरू हुआ?
  2. 1913 में आपने कैंब्रिज के जी. एच. हार्डी को पत्र लिखने का फ़ैसला क्यों किया, और उसमें क्या भेजा?
  3. इंग्लैंड में खाने, मौसम और रहन-सहन से आपको क्या कठिनाइयाँ हुईं?
  4. आप बिना पूरी उपपत्ति (प्रूफ़) के परिणाम क्यों लिखते थे?
  5. जीवन के अंतिम महीनों में आपने “मॉक थीटा फ़ंक्शन” के बारे में क्या लिखा?

रिकॉर्ड क्या कहता है: हार्डी को 16 जनवरी 1913 का पत्र, हार्डी के साथ 1918 का शोधपत्र (विभाजन फलन पर), 1918 में रॉयल सोसाइटी का फ़ेलो चुना जाना, और जनवरी 1920 का अंतिम पत्र। अच्छे जवाब में यह भी हो कि उनके पत्र के कुछ दावे, जैसे अभाज्य संख्याओं वाला सूत्र, बाद में ग़लत निकले, जबकि बहुत कुछ नया और सही था। और पढ़ें: रामानुजन की जीवनी।

रवींद्रनाथ टैगोर से पूछने के सवाल

  1. 1913 में नोबेल पुरस्कार मिलने पर आपको कैसा लगा, और अंग्रेज़ी गीतांजलि कैसे बनी?
  2. आपने शांतिनिकेतन में पेड़ों के नीचे पढ़ाने वाला स्कूल क्यों शुरू किया?
  3. 1919 में आपने नाइटहुड की उपाधि क्यों लौटाई?
  4. आप राष्ट्रवाद को ख़तरनाक क्यों मानते थे, जबकि आप देश से प्रेम करते थे?
  5. आपके गीत दो देशों के राष्ट्रगान बने; आप संगीत को शिक्षा में क्या जगह देते थे?

रिकॉर्ड क्या कहता है: जलियाँवाला बाग़ के बाद वायसराय लॉर्ड चेम्सफ़ोर्ड को मई 1919 का पत्र, अमेरिका और जापान में दिए व्याख्यान नेशनलिज़्म (1917), और द रिलिजन ऑफ़ मैन (1931)। टैगोर के नाम से बहुत से नकली उद्धरण घूमते हैं; जवाब में केवल उनकी छपी रचनाओं से उद्धरण लें। और पढ़ें: रवींद्रनाथ टैगोर की जीवनी।

सम्राट अशोक से पूछने के सवाल

  1. कलिंग युद्ध के बाद आपको क्या महसूस हुआ, और आपने इसे पत्थर पर क्यों लिखवाया?
  2. आपके “धम्म” का अर्थ क्या था, और यह किसी एक धर्म से कैसे अलग था?
  3. आपने दूसरे संप्रदायों के प्रति वाणी पर संयम रखने की बात क्यों कही?
  4. सड़कों पर कुएँ, छायादार पेड़ और मनुष्यों व पशुओं के इलाज की व्यवस्था क्यों की?
  5. आपने अपने शिलालेख प्राकृत के साथ यूनानी और अरामी भाषा में भी क्यों लिखवाए?

रिकॉर्ड क्या कहता है: अशोक के अपने शिलालेख, जो उनकी आवाज़ में सबसे पुराने भारतीय दस्तावेज़ों में हैं। बृहद् शिलालेख XIII कलिंग युद्ध में 1,50,000 लोगों के निर्वासन, 1,00,000 की मृत्यु और अपने पछतावे की बात करता है; शिलालेख XII धार्मिक सहिष्णुता पर है; शिलालेख II और स्तंभ लेख VII लोक कल्याण पर। अच्छा जवाब यह भी बताए कि उन्होंने मृत्युदंड बनाए रखा और वन्य लोगों को चेतावनी दी। “चंडाशोक” वाली क्रूरता की कहानियाँ बाद के बौद्ध ग्रंथों की हैं। और पढ़ें: अशोक के शिलालेख।

रानी लक्ष्मीबाई से पूछने के सवाल

  1. 1854 में झाँसी के विलय के ख़िलाफ़ आपने अंग्रेज़ों के सामने क्या क़ानूनी तर्क रखे?
  2. जून 1857 में झाँसी में हुई हत्याओं के बारे में आपने अंग्रेज़ अधिकारियों को क्या लिखा?
  3. मार्च 1858 में किले की रक्षा कैसे संगठित की, और उसमें स्त्रियों की क्या भूमिका थी?
  4. झाँसी छोड़ने के बाद आपने ग्वालियर पर क़ब्ज़ा करने का प्रस्ताव क्यों रखा?
  5. आपकी सेना में कौन लोग थे, और आपको किन साथियों पर सबसे ज़्यादा भरोसा था?

रिकॉर्ड क्या कहता है: 1854 के उनके ज्ञापन, जॉन लैंग का 1854 की मुलाक़ात का विवरण, मेजर एर्स्किन को लिखे उनके पत्र (जून और जुलाई 1857), ह्यू रोज़ की रिपोर्टें (अप्रैल 1858) और विष्णुभट गोडसे का माझा प्रवास। उनकी जन्मतिथि (1828 या 1835) पर मतभेद है, और अच्छे जवाब में यह ईमानदारी से आना चाहिए। और पढ़ें: रानी लक्ष्मीबाई की जीवनी।

सावित्रीबाई फुले से पूछने के सवाल

  1. आपने पढ़ना कैसे सीखा, और शिक्षिका बनने का फ़ैसला क्यों किया?
  2. 1848 में पुणे के भिडे वाडा में लड़कियों का स्कूल खोलने पर आपको किस विरोध का सामना करना पड़ा?
  3. आपकी कविताओं में शिक्षा को किस तरह मुक्ति का रास्ता बताया गया है?
  4. 1863 में विधवाओं और उनके बच्चों के लिए आश्रय गृह की ज़रूरत क्यों पड़ी?
  5. 1897 में प्लेग के मरीज़ों की सेवा करते समय आपने क्या जोखिम उठाया?

रिकॉर्ड क्या कहता है: उनका कविता संग्रह काव्यफुले (1854), जोतीराव फुले को लिखे पत्र (1856 और 1868), बालहत्या प्रतिबंधक गृह की सूचना (1863), और 1873 में स्थापित सत्यशोधक समाज के दस्तावेज़। विरोध के कुछ प्रसिद्ध विवरण, जैसे पत्थर और गोबर फेंके जाने की बातें, बाद की जीवनियों से आते हैं; अच्छा जवाब इन्हें पक्का तथ्य बताने से पहले स्रोत देखता है। और पढ़ें: सावित्रीबाई फुले की जीवनी।

उनके अपने शब्दों में: तीन नमूना जवाब

नीचे के जवाब उन व्यक्तियों के छपे शब्दों के हिंदी अनुवाद हैं, मूल अंग्रेज़ी स्रोत के साथ। इन्हें अपने इंटरव्यू में ऐसे ही इस्तेमाल किया जा सकता है।

भगत सिंह से सवाल: “फाँसी की सज़ा के बीच भी आप ज़िंदगी के बारे में क्या महसूस करते थे?”

“मैं ज़ोर देकर कहता हूँ कि मैं महत्वाकांक्षा और आशा से भरा हूँ, और जीवन के पूरे आकर्षण से भी।”
Selected Writings of Shaheed Bhagat Singh (1986), पृ. 65 (हिंदी अनुवाद; अंग्रेज़ी: “I emphasize that I am full of ambition and hope and of full charm of life.”)

रामानुजन से सवाल: “गणित और आस्था का आपके लिए क्या रिश्ता था?”

“किसी समीकरण का मेरे लिए कोई अर्थ नहीं, जब तक वह ईश्वर का कोई विचार व्यक्त न करे।”
एक मित्र से कहा गया कथन, एस. आर. रंगनाथन की किताब Ramanujan, the Man and the Mathematician (1967) में उद्धृत (हिंदी अनुवाद; यह दूसरे व्यक्ति की स्मृति से आया है, रामानुजन का लिखा नहीं)

टैगोर से सवाल: “देशभक्ति और मानवता में टकराव हो तो आप किसे चुनेंगे?”

“मैं हीरे की क़ीमत पर काँच नहीं ख़रीदूँगा, और जब तक जीवित हूँ, देशभक्ति को मानवता पर कभी जीतने नहीं दूँगा।”
टैगोर का अरबिंद मोहन बोस को 1908 का पत्र, Selected Letters of Rabindranath Tagore, सं. Krishna Dutta और Andrew Robinson में (हिंदी अनुवाद; अंग्रेज़ी: “I will not buy glass for the price of diamonds, and I will never allow patriotism to triumph over humanity as long as I live.”)

कौन से सवाल न पूछें

  • समय से बाहर के सवाल: “आप आज के चुनाव के बारे में क्या सोचते हैं?” ये व्यक्ति आज की घटनाएँ नहीं जानते थे। इसकी जगह पूछें कि उनके समय में वे किस बात को सबसे ज़रूरी मानते थे।
  • आज की राजनीति में घसीटने वाले सवाल: इन व्यक्तियों को कई आज के दल और समूह अपना बताते हैं। जवाब उनके अपने लिखे शब्दों तक सीमित रखें।
  • अफ़वाह पर आधारित सवाल: “क्या यह सच है कि आपने यह प्रसिद्ध वाक्य कहा था?” पूछने से पहले पता करें कि वाक्य किस स्रोत में है।
  • व्यक्तिगत दुख को सनसनी बनाने वाले सवाल: मृत्यु, फाँसी या बीमारी के बारे में सवाल हों तो सम्मान से, तथ्यों के साथ पूछें।

प्राथमिक स्रोत कहाँ मिलेंगे और अभ्यास कैसे करें

भगत सिंह के लेखों के संकलन हिंदी, पंजाबी और अंग्रेज़ी में छपे हैं। सरदार पटेल के पत्र दुर्गा दास द्वारा संपादित Sardar Patel's Correspondence में हैं, और संविधान सभा की बहसें लोकसभा की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। रामानुजन के पत्र Ramanujan: Letters and Commentary में हैं। टैगोर की रचनाएँ विश्वभारती से प्रकाशित रचनावली में हैं। अशोक के शिलालेखों के अनुवाद ई. हुल्त्ज़ के Corpus Inscriptionum Indicarum, खंड 1 (1925) में हैं। सावित्रीबाई फुले की रचनाएँ उनके समग्र वाङ्मय (1988) में हैं।

सवालों को बोलकर अभ्यास करने के लिए आप Yuga ऐप में भगत सिंह, रानी लक्ष्मीबाई या सावित्रीबाई फुले की AI रचनाओं से आवाज़ या टेक्स्ट में बात कर सकते हैं। ये उनके लेखों और इतिहास से बनी हैं, पर असली व्यक्ति नहीं हैं और ग़लती कर सकती हैं। प्रोजेक्ट में ऊपर बताए मूल स्रोत उद्धृत करें, ऐप नहीं।

लोग क्या पूछते हैं

किसी महान व्यक्ति से इंटरव्यू में कितने सवाल पूछने चाहिए?
स्कूल प्रोजेक्ट के लिए 8 से 12 सवाल काफ़ी हैं। इस सूची में हर व्यक्ति के 5 सवाल हैं; इनमें अपने 3 से 5 सवाल जोड़ें। सवाल ऐसे हों जिनका जवाब उस व्यक्ति के लेख, पत्र, भाषण या शिलालेख में मिल सके, और हर जवाब के आगे स्रोत लिखें।
भगत सिंह से इंटरव्यू में कौन सा सवाल सबसे अच्छा रहेगा?
एक अच्छा सवाल है: “आपने लेख मैं नास्तिक क्यों हूँ किन परिस्थितियों में लिखा?” इसका जवाब उनके अक्टूबर 1930 के लेख में है, जो लाहौर जेल में लिखा गया। इससे उनके विचार, उनका तर्क करने का तरीका और जेल का जीवन, तीनों सामने आते हैं।
अशोक के बारे में सवालों के जवाब कहाँ मिलेंगे?
अशोक के अपने शिलालेखों में, जो पूरे उपमहाद्वीप में पत्थरों और स्तंभों पर मिले हैं। कलिंग युद्ध और पछतावे के लिए बृहद् शिलालेख XIII, धार्मिक सहिष्णुता के लिए शिलालेख XII, और लोक कल्याण के लिए शिलालेख II पढ़ें। इनके अंग्रेज़ी अनुवाद हुल्त्ज़ के 1925 के संकलन में हैं।
क्या इंटरनेट पर मिले कथनों को जवाब में लिख सकते हैं?
तभी, जब आप बता सकें कि वह कथन किस लेख, पत्र, भाषण या किताब में है और कब का है। टैगोर और कई दूसरे व्यक्तियों के नाम से बहुत से नकली कथन घूमते हैं। अगर स्रोत न मिले, तो कथन की जगह उनके विचार अपने शब्दों में लिखें और जिस रचना में वह विचार है उसका नाम दें।

स्रोत

  • Why I Am an Atheist, भगत सिंह, 1930; Selected Writings of Shaheed Bhagat Singh, सं. Shiv Verma, 1986
  • Constituent Assembly Debates, 10 अक्टूबर 1949; Sardar Patel's Correspondence, सं. Durga Das
  • Ramanujan: Letters and Commentary, Bruce C. Berndt और Robert A. Rankin, 1995
  • Selected Letters of Rabindranath Tagore, सं. Krishna Dutta और Andrew Robinson, 1997
  • Inscriptions of Asoka (Corpus Inscriptionum Indicarum, खंड 1), E. Hultzsch, 1925
  • सावित्रीबाई फुले समग्र वाङ्मय, सं. एम. जी. माली, 1988