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राष्ट्रीय एकता दिवस पर सरदार पटेल भाषण

8 मिनट

राष्ट्रीय एकता दिवस हर साल 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर मनाया जाता है। उनका जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था और भारत सरकार ने 2014 से यह दिवस मनाना शुरू किया। इस पेज पर छात्रों के लिए 2 से 3 मिनट का पूरा भाषण, 1 मिनट का छोटा भाषण, और रियासतों के विलय, जूनागढ़ व हैदराबाद से जुड़े वे तथ्य हैं जिन्हें आप भाषण में भरोसे से बोल सकते हैं।

राष्ट्रीय एकता दिवस क्या है और 31 अक्टूबर को ही क्यों

भारत सरकार ने 2014 में घोषणा की कि सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती, 31 अक्टूबर, हर साल राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाएगी। इस दिन स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी दफ़्तरों में एकता की शपथ ली जाती है और कई शहरों में 'रन फ़ॉर यूनिटी' नाम की दौड़ होती है।

यह दिन पटेल से इसलिए जुड़ा है क्योंकि आज़ादी के समय देश को एक नक्शे में जोड़ने का सबसे कठिन काम उन्हीं के ज़िम्मे था। 1947 में अंग्रेज़ों के जाते ही 500 से अधिक रियासतों के सामने यह सवाल था कि वे भारत में शामिल हों, पाकिस्तान में जाएँ या अलग रहें। गृह मंत्री और रियासत विभाग के प्रमुख के रूप में पटेल ने इनमें से लगभग सभी को भारतीय संघ में शामिल कराया।

31 अक्टूबर 2018 को गुजरात के नर्मदा ज़िले में केवड़िया (अब एकता नगर) के पास उनकी 182 मीटर ऊँची प्रतिमा, स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी, का अनावरण हुआ। भाषण में यह तथ्य अक्सर काम आता है।

2 से 3 मिनट का पूरा भाषण (छात्रों के लिए)

यह भाषण आराम से बोलने पर लगभग ढाई मिनट का है। अपने स्कूल के हिसाब से संबोधन बदल लें।

आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सभी शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियो, आज 31 अक्टूबर है, राष्ट्रीय एकता दिवस। आज ही के दिन 1875 में गुजरात के नडियाद में वल्लभभाई पटेल का जन्म हुआ था, जिन्हें हम सरदार पटेल और भारत के लौह पुरुष के नाम से जानते हैं।

वल्लभभाई एक साधारण किसान परिवार से थे। उन्होंने बाईस साल की उम्र में मैट्रिक पास किया, फिर अपनी कमाई से लंदन जाकर बैरिस्टर बने। अहमदाबाद में उनकी वकालत अच्छी चलती थी, पर उन्होंने उसे छोड़कर किसानों का साथ चुना। 1918 में खेड़ा और 1928 में बारडोली के किसानों ने बढ़े हुए लगान के खिलाफ़ शांत और अनुशासित आंदोलन किया। बारडोली के आंदोलन के बाद लोग उन्हें प्यार से 'सरदार' कहने लगे।

15 अगस्त 1947 को देश आज़ाद हुआ, पर सामने एक बड़ी चुनौती थी। देश में 500 से ज़्यादा रियासतें थीं, जिन पर राजा और नवाब राज करते थे। अंग्रेज़ों के जाने के बाद वे चाहें तो अलग रह सकते थे। ऐसा होता तो भारत का नक्शा सैकड़ों टुकड़ों में बँट जाता। सरदार पटेल ने अपने सचिव वी. पी. मेनन के साथ मिलकर राजाओं से बात की। उन्होंने राजाओं से अपील की कि वे रक्षा, विदेश मामले और संचार भारत को सौंपकर भारतीय संघ में शामिल हों। ज़्यादातर रियासतें 15 अगस्त 1947 से पहले ही शामिल हो गईं।

जूनागढ़ के नवाब ने पाकिस्तान में जाने की घोषणा की, जबकि वहाँ की ज़्यादातर जनता भारत के साथ रहना चाहती थी। फ़रवरी 1948 के जनमत संग्रह में लोगों ने भारी बहुमत से भारत को चुना। हैदराबाद के निज़ाम स्वतंत्र रहना चाहते थे। सितंबर 1948 की पुलिस कार्रवाई के बाद हैदराबाद भी भारत का हिस्सा बना।

साथियो, सरदार पटेल जानते थे कि इतने बड़े देश को चलाने के लिए निष्पक्ष प्रशासन चाहिए। इसलिए उन्होंने संविधान सभा में अखिल भारतीय सेवाओं का पक्ष लिया, जिनसे आज IAS और IPS अधिकारी बनते हैं। 15 दिसंबर 1950 को उनका निधन हुआ और 1991 में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न दिया गया।

आज एकता हमारे रोज़ के व्यवहार से बनती है: दूसरी भाषा बोलने वाले साथी का साथ देना, किसी को उसकी जाति या धर्म के कारण अलग न करना, और नियमों का पालन करना। सरदार पटेल ने देश को जोड़ा था। उसे जुड़ा हुआ रखना हमारा काम है। धन्यवाद, जय हिंद।

1 मिनट का छोटा भाषण

सुबह की प्रार्थना सभा या छोटी कक्षाओं के लिए यह संस्करण लगभग एक मिनट का है।

आदरणीय शिक्षकगण और मेरे साथियो, आज राष्ट्रीय एकता दिवस है। 31 अक्टूबर 1875 को नडियाद में सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म हुआ था। 1928 में बारडोली के किसान आंदोलन का सफल नेतृत्व करने के बाद लोग उन्हें 'सरदार' कहने लगे। आज़ादी के बाद वे देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बने। उस समय भारत में 500 से अधिक रियासतें थीं। सरदार पटेल ने बातचीत और दृढ़ता से इन्हें भारत में शामिल कराया, जिनमें जूनागढ़ और हैदराबाद जैसे कठिन मामले भी थे। इसीलिए उन्हें भारत का लौह पुरुष कहा जाता है। आइए, आज हम संकल्प लें कि भाषा, धर्म या क्षेत्र के आधार पर किसी से भेदभाव नहीं करेंगे। धन्यवाद, जय हिंद।

भाषण में बोलने लायक मुख्य तिथियाँ

तिथिघटना
31 अक्टूबर 1875नडियाद (गुजरात) में जन्म; परिवार का गाँव करमसद
1910 से 1913लंदन के मिडिल टेंपल में क़ानून की पढ़ाई, बैरिस्टर बने
1918खेड़ा सत्याग्रह में किसानों का साथ
1928बारडोली सत्याग्रह; 'सरदार' की उपाधि
1931कराची में कांग्रेस अधिवेशन के अध्यक्ष
5 जुलाई 1947रियासत विभाग की शुरुआत; राजाओं से भारत में शामिल होने की अपील
15 अगस्त 1947देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बने
20 फ़रवरी 1948जूनागढ़ में जनमत संग्रह, भारी बहुमत भारत के पक्ष में
13 से 17 सितंबर 1948हैदराबाद में पुलिस कार्रवाई (ऑपरेशन पोलो); 17 सितंबर को निज़ाम की सेना ने हथियार डाले
15 दिसंबर 1950बंबई (अब मुंबई) में निधन
1991मरणोपरांत भारत रत्न
201431 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने की शुरुआत
31 अक्टूबर 2018स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी (182 मीटर) का अनावरण

जूनागढ़ और हैदराबाद: सही तथ्य, बिना बढ़ा-चढ़ाकर

रियासतों को भारत में शामिल करने के लिए 'विलय पत्र' (Instrument of Accession) बनाया गया। इसमें राजा केवल तीन विषय, यानी रक्षा, विदेश मामले और संचार, भारत को सौंपते थे। बाद में ज़्यादातर रियासतें पूरी तरह राज्यों में मिला दी गईं। इस पूरी प्रक्रिया का सबसे विस्तृत विवरण पटेल के सचिव वी. पी. मेनन की किताब 'The Story of the Integration of the Indian States' (1956) में है।

जूनागढ़: नवाब ने अगस्त 1947 में पाकिस्तान में शामिल होने की घोषणा की। जूनागढ़ की ज़्यादातर आबादी हिंदू थी और रियासत चारों ओर से भारतीय इलाक़े से घिरी थी। नवंबर 1947 में भारत ने प्रशासन संभाला और 20 फ़रवरी 1948 के जनमत संग्रह में लगभग सारे वोट भारत के पक्ष में पड़े।

हैदराबाद: निज़ाम स्वतंत्र रहना चाहते थे। नवंबर 1947 में एक साल का यथास्थिति समझौता हुआ, पर बातचीत टूटती रही और रज़ाकार नाम के सशस्त्र दल ने हिंसा फैलाई। 13 सितंबर 1948 को भारतीय सेना ने कार्रवाई शुरू की, जिसे सरकार ने 'पुलिस कार्रवाई' कहा, और 17 सितंबर को निज़ाम की सेना ने हथियार डाल दिए।

ईमानदारी से यह भी जानना ज़रूरी है कि कार्रवाई के दौरान और उसके बाद कई इलाक़ों में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई, जिसमें बहुत से मुसलमान मारे गए। इसकी जाँच के लिए पंडित सुंदरलाल के नेतृत्व में एक दल भेजा गया, जिसकी रिपोर्ट दशकों तक सार्वजनिक नहीं हुई। भाषण में यह विस्तार ज़रूरी नहीं, पर अगर कोई सवाल पूछे तो सही जवाब यही है।

भाषण को असरदार बनाने के पाँच सुझाव

  1. गति: हिंदी में आराम से बोलने पर एक मिनट में लगभग 110 से 130 शब्द बोले जाते हैं। बड़ा भाषण घर पर घड़ी लगाकर दो बार बोलें।
  2. एक ठोस तथ्य से शुरू करें, जैसे '1947 में देश में 500 से अधिक रियासतें थीं'। भारी-भरकम विशेषणों की जगह तारीख़ें और नाम ज़्यादा असर करते हैं।
  3. सोशल मीडिया पर 'सरदार पटेल के अनमोल वचन' के नाम से बहुत सी पंक्तियाँ घूमती हैं जिनका कोई स्रोत नहीं मिलता। किसी पंक्ति को उनके नाम से तभी बोलें जब आप भाषण या पत्र का नाम और तारीख़ बता सकें।
  4. अंत में श्रोताओं को एक छोटा, करने लायक संकल्प दें, जैसे किसी नए साथी को अपने समूह में शामिल करना।
  5. मंच पर कागज़ से पढ़ने के बजाय मुख्य बिंदु एक कार्ड पर लिख लें: जन्म, बारडोली, रियासतें, जूनागढ़, हैदराबाद, प्रशासनिक सेवाएँ।

अभ्यास के लिए आप Yuga ऐप में सरदार पटेल से आवाज़ में बात कर सकते हैं और उनसे पूछ सकते हैं कि रियासतों को कैसे मनाया गया। यह उनके भाषणों और ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर बना एक AI पुनर्निर्माण है, असली व्यक्ति नहीं, और इससे गलती भी हो सकती है। भाषण या प्रोजेक्ट में तथ्य हमेशा किताबों और मूल स्रोतों से जाँचें।

पूरी जीवनी के लिए पढ़ें सरदार पटेल का जीवन परिचय, और दूसरे स्वतंत्रता सेनानियों के लिए स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी।

लोग क्या पूछते हैं

राष्ट्रीय एकता दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
राष्ट्रीय एकता दिवस हर साल 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर मनाया जाता है। भारत सरकार ने इसकी शुरुआत 2014 में की। यह दिन आज़ादी के समय 500 से अधिक रियासतों को भारतीय संघ में शामिल कराने के उनके काम की याद में है। इस दिन एकता की शपथ ली जाती है और कई जगह 'रन फ़ॉर यूनिटी' दौड़ होती है।
सरदार पटेल को 'सरदार' की उपाधि कैसे मिली?
1928 में गुजरात के बारडोली तालुका में सरकार ने किसानों का लगान बढ़ा दिया था। वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में किसानों ने अनुशासन के साथ लगान देने से इनकार किया, और अंत में सरकार को जाँच बैठानी पड़ी जिसके बाद बढ़ोतरी काफ़ी घटा दी गई। इसी आंदोलन के दौरान और बाद में लोग उन्हें 'सरदार', यानी नेता, कहने लगे।
सरदार पटेल ने कितनी रियासतों का विलय कराया?
आम तौर पर कहा जाता है कि आज़ादी के समय 500 से अधिक रियासतें थीं; किताबों में 562 या 565 जैसी संख्याएँ मिलती हैं, क्योंकि छोटी जागीरों को गिनने का तरीका अलग था। लगभग सभी रियासतें 1947 से 1949 के बीच भारत में शामिल हुईं। इस काम में उनके सचिव वी. पी. मेनन की बड़ी भूमिका थी।
स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी कहाँ है और कितनी ऊँची है?
स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी गुजरात के नर्मदा ज़िले में केवड़िया (अब एकता नगर) के पास, सरदार सरोवर बाँध के सामने है। यह 182 मीटर ऊँची है और इसका अनावरण 31 अक्टूबर 2018 को हुआ। भाषण में यह तथ्य देते समय ऊँचाई और तारीख़ सही बोलें।
1 मिनट के भाषण में कितने शब्द होने चाहिए?
हिंदी में सामान्य गति से बोलने पर एक मिनट में लगभग 110 से 130 शब्द आते हैं। इस पेज का 1 मिनट वाला भाषण इसी लंबाई का है। अगर आप धीरे और ठहरकर बोलते हैं, तो एक या दो वाक्य कम कर दें, और अभ्यास करते समय घड़ी ज़रूर देखें।

स्रोत

  • V. P. Menon, The Story of the Integration of the Indian States (1956)
  • Constituent Assembly of India Debates, 10 October 1949 (अखिल भारतीय सेवाओं पर पटेल का भाषण)
  • Balraj Krishna, Sardar Vallabhbhai Patel: India's Iron Man (1995)
  • A. G. Noorani, The Destruction of Hyderabad (2013)